अदालत एस० डी० एम०
          रक्सौल , पूर्वी चम्पारण

इतिलाई आवेदन पत्र

                        -----------आवेदक
                        बनाम
    
                        --------- विपक्षीगण

विनम्र आवेदक की ओर से उपरोक्त विपक्षीगण के विरुद्ध अंतर्गत धारा 39 द० प्र० स० के तहत इतिलाई आवेदन पत्र हसब जैल है :-

1.      यह कि आवेदक सीधा – साधा , शांतिप्रिय वो कानून की मर्यादा में हद आस्था रखनेवाला व्यक्ति है जबकि विपक्षीगण लठियल, बघियल, मनबढू, जालसाज वो फर्फंदी प्रवृति के व्यक्ति है जिनके नजर में कानून का कोई महत्त्व नहीं है |

2.      यह कि मौजा कटकेनवा थाना नं० _____ थाना वो अंचल आदापुर जिला- पूर्वी चम्पारण अंतर्गत स्थित:-
                            
खाता
खेसरा
रकबा
चौहदी
















जो श्रीमान के क्षेत्रान्तर्गत पड़ता है :-
3.      यह कि उपरोक्त एराजी आवेदक का खतियानी हकियत वो ख़ास हिस्सा की एराजी है जिस एराजी पर आवेदक का जोत आबाद के रूप में शांतिपूर्ण दखल कब्ज़ा आ रहा है |
4.      यह कि विपक्षीगण अपनी लाठी, उद्दण्डता वो असामाजिक तत्वों के बल बूते पर ताजबरदस्ती आवेदक की  दखल कब्ज़ा वाली उक्त एराजी पर अपना नाजायज दावा करने लगे है जिसका आवेदक द्वारा विरोध करने के कारण सभी विपक्षीगण आवेदक से काफी रंजिश में आ गये है |
5.      यह कि आज दिनांक 09/06/2018 सुबह आठ बजे जब आवेदक अपनी उक्त एराजी का जोतनी करवाने गया है तभी सभी विपक्षीगण आवेदक के साथ मारपीट गाली गलौज खून खराबी करने पर उतारू हो गये है जो किसी तरह ग्रामीणों के बीच बचाव से आवेदक की जान बची है |
6.      यह कि विपक्षीगण आवेदक को धमकी दिए है कि यदि आवेदक अपनी उक्त एराजी पर आइन्दा कभी दावा करेगा तो उसे उसी जमीन पर काट देंगे या किसी झूठे – झूठे मुकदमा में फंसाकर बर्बाद कर वो करा देंगे |
7.      यह कि विपक्षीगण यह भी धमकी दिए है कि यदि आवेदक अपनी उक्त एराजी पर हमलोगों का कब्ज़ा करने में कोई व्यवधान उत्पन्न करेंगे तो उसके घर में चोरी , डकैती , आगजनी , जजात नुकसान, अपहरण वो हत्या जैसी घटना घटित कर वो करा देने की चुनौती दिए है |
8.      यह कि विपक्षीगण अपराधिक प्रवृति के व्यक्ति है जिनकी सांठ – गांठ आस पास वो दूर दराज के आसामाजिक तथा मओवादियो से बनी हुई है जिनके बल वो भी पर आवेदक की दखल कब्ज़ा वाली उक्त एराजी को हड़प लेना चाहते है |
9.      यह कि विपक्षीगण काफी मनबढू वो उद्दण्ड प्रवृति जे व्यक्ति है जो स्थानीय किसी पंचगणों की बात भी नहीं मानते है साथ ही उनके भय से गाँव घर में कोई बोलने वाला भी नहीं है |
10. यह कि विपक्षीगण की गतिविधियों एवं धमकियों से आवेदक की नींद उड़ गई है वो जीना मुश्किल हो गया है साथ ही वे लोग आवेदक के साथ कब , कहा और क्या कर बैठेंगे इसका कोई ठिकाना भी नहीं है |
11. यह कि आवेदक अपनी जान माल वो इज्जत आवरू की रक्षा हेतु इस इतिलाई आवेदन पत्र को श्रीमान के पास देना लाजिमी समझता है जो सबूत रहे वो वक्त वो जरुरत काम आ सके |

अत: श्रीमान से प्रार्थना है कि उपरोक्त आलोक में इस इतिलाई आवेदन पत्र को सरकारी सिरिस्ते में रखा जाय साथ ही इसकी एक प्रति जाँच एवं आवश्यक कारवाई हेतु स्थानीय थाना __________ को प्रेषित किया जाय जिसके लिए आवेदक श्रीमान का सदा आभारी रहेगा |